दालचीनी के फायदे और नुकसान benefits and side effects of Cinnamon in hindi :
दालचीनी, इसे कौन नही जानता, लगभग हर किचन में दालचीनी देखने मिल ही जायेगा कारण है कि यह एक बहुत बढ़िया मसाला है. सब्जियों को टेस्टी बनाने के लिए इसका उपयोग हर भारतीय किचन में आसानी से मिल जाएगा. पर क्या आप इसके फायदों के बारें में जानते है? नही, तो यह आर्टिकल पूरा पढें इस आर्टिकल में हम दालचीनी की विभिन्न भाषाओं में मीनिंग, cinnamon in hindi, tamil, telugu में देखेंगे. साथ ही दालचीनी के फायदे (benefits of cinnamon in hindi) के बारे में भी जानेंगे.

Table of Contents

दालचीनी के फायदे और नुकसान benefits and side effects of Cinnamon in hindi

दालचीनी पाउडर के फायदे बहुत है इसके फायदे जानने से पहले जानते है इसके बारे में :

दालचीनी क्या है? What is cinnamon in hindi :

दालचीनी भारतीयो के किचन में उपयोग होने वाला एक बहुत ही बढ़िया मसाला है जो सब्जियों को स्वादिष्ट बनाने में मदद करता है साथ ही औषधीय के रूप में भी उपयोग किया जाता है.

इसका वैज्ञानिक नाम (Cinnamomum verum) है
यह एक छोटा सदाबहार सिन्नेमोमम ज़ाइलैनिकम ब्राइन.
(Cinnamomum zeylanicum Breyn) नामक पेड़ है, जो कि 10–15 मी (32.8–49.2 फीट) तक ऊंचा होता है.

दालचीनी श्रीलंका एवं दक्षिण भारत में बहुतायत में मिलता है इसकी छाल मसाले की तरह प्रयोग होती है, पाउडर मसाला बनाने के लिए छाल को पीस देतें है, इसमें एक अलग ही खुशबू होती है, जो इसे गरम मसालों की श्रेणी में रखती है.

दालचीनी कैसे प्राप्त होता है?

दालचीनी सिन्नेमोमम ज़ाइलैनिकम ब्राइन नामक सदाबहार पौधों के तनो को काट कर बनाया जाता है. तानो के बीच मे मौजूद कठोर लड़की को अलग कर सिर्फ छिलको को सुखाकर प्राप्त किया जाता है. जब इसे सुखाया जाता है तो यह रोल हो जाता है इसे स्टिक के नाम से जाने जाते है. इसी स्टिक को पीसकर चूर्ण बनाया जाता है जिसे मसालों और औषधियों के रूप में उपयोग किया जाता है.

Cinnamon meanings : दालचीनी को अलग अलग भाषाओं में अलग अलग नाम से जाने जाते है कुछ भाषाओं में नाम निम्न है :
Cinnamon in Hindi : दालचीनी (daalchini)
Cinnamon in Marathi : दालचीनी (dalchini)
Cinnamon in Tamil : இலவங்கப்பட்டை (Ilavaṅkappaṭṭai)
Cinnamon in Telegu : దాల్చిన చెక్క (Dālcina cekka)
Cinnamon in Gujrati : તજ (taja)
Cinnamon in Malayalam : കറുവാപ്പട്ട (kaṟuvāppaṭṭa)

तो आपने ऊपर Cinnamon meanings in Hindi, Marathi, Tamil, Telegu, Gujrati, Malayalam
देखें, अब दालचीनी के फायदे के बारे में बात करते है.

दालचीनी के फायदे | daalchini ke fayde (cinnamon benefits in hindi)

Daalchini ke fayde in hindi

1. पोषक तत्वों की खान है दालचीनी:

दालचीनी पोषक तत्वों की खान है इसमें तरह तरह से पोषक तत्व पाया जाता है इसी कारण इसे सुपरफूड भी कहा जाता है.
दालचीनी में कैल्शियम, मेंगनीज, आइरन और फ़ाइबर भरपूर मात्रा में होते है और साथ में कार्बोहाइड्रेट, fatty acid और amino acid जो मानव शरीर को स्वास्थ रखने के लिए बहुत उपयोगी है.

2. दालचीनी के फायदे skin के लिए :(daalchini ke fayde)

दालचीनी का अनोखा फायदा चेहरे और स्किन के लिए है. चेहरे में होने वाली लगभग बहुत सी समस्याओं को ठीक करने में दालचीनी कारगर है.

  • Aging यानी उम्र बढ़ने पर चेहरे की चमड़ी लटकने लगती है जिसे झुर्रिया (Wrinkles) कहते हैं होने पर दालचीनी का पाउडर थोड़ी मात्रा में लेकर चाटने से यह समस्या दूर होने लगती है
  • दाद, खास, खुजली होने पर दालचीनी और लौंग को एक साथ पीसकर, हल्के से पानी मिलाकर पेस्ट बना लें और दाद, खास, खुजली वाले स्थान पर लगाएं.
  • कील मुहाँसे होने पर दालचीनी में निम्बू रस मिलाकर लगाए.

    दालचीनी और शहद को साथ में मिलाकर एक पेस्ट बनाएं और उसे चेहरे पर लगाएं, 10-15 बाद ठंडे पानी से धो ले, चेहरे में निखार आ जायेगा, चेहरा चमकने लगेगी.
    (अधिक पढ़े : डार्क सर्कल्स हटाने के उपाय : aankho ke kale ghere hatane ke gharelu upay in hindi
    )

    3. दालचीनी के लाभ : एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर है यह (daalchini ke fayde) :

    एंटीऑक्सिडेंट्स (antioxidant) आपके शरीर को ऑक्सीडेटिव क्षति से सुरक्षित रखता है.

    दालचीनी में पोलीफेनॉल्स (polyphenols) नामक एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसीलिए इसे प्राकृतिक परिरक्षक फ़ूड के रूप में उपयोग किया जाता है.
    इसमें तरह तरह के गुण होने के कारण सुपरफूड भी माना जाता है.

    4. दालचीनी के फायदे डायबिटीज के लिए (daalchini ke aushdhiya gun diabetes ke liye) :

    दालचीनी औषधीय उपयोग में यह एक वरदान है, मधुमेह (diabetes) के रोगियों के लिए यह बहुत लाभकारी होता है.

    Type 2 डायबिटीज के रोगियों को 1 चम्मच रोज़ाना दालचीनी पाउडर का सेवन करना चाहिए, इससे रक्त में शर्करा का लेवल कम हो जाता है साथ ही ग्लूकोज स्तर भी कम हो जाता है.

    रोज़ एक चम्मच दालचीनी, किसी भी खाने में छिड़क कर इसका सेवन करे. य दालचीनी की चाय के फायदे भी सराहनीय है तो सुबह या शाम की चाय या कॉफ़ी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर पियें.

    एक स्टडी से पता चला है 6 gm दालचीनी पाउडर का सेवन टाइप 2 डायबिटीज वाले मरीज़ो के ब्लड प्रेशर को मेन्टेन करता है.

    5. दालचीनी के फायदे वजन कम करने में (cinnamon for weight loss in hindi) :

    आजकल के time में लोग बढ़ती वजन से परेशान है. अगर आपका भी वजन दिन ब दिन बढ़ रहा हो तो दालचीनी का उपयोग आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है.

    दालचीनी की एक स्टिक लेकर पानी मे उबालें, उसमे नींबू रस और शहद मिला कर पियें. इससे वजन कम करने में काफी मदद मिलेगी.

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    6. पाचन शक्ति बढ़ाने में दालचीनी का उपयोग (Dalchini ke fayde pet ka paachan ke liye) :

    Cinnamon in hindi

    दालचीनी में मेग्नीसियम, फ़ाइबर और कैल्सियम भरपूर मात्र में होते है जो गैस्ट्रिक जूस के साथ मिलकर पाचन क्रिया को मजबूत करता है. दालचीनी में एन्टी-इंफ्लाममेंट्री गुण होने की वजह से यह पेट के अन्य बीमारी को भी ठीक करता है.

    अपचन होने पर दालचीनी को पुदीने के पत्ते के साथ मिलाकर खायें. यह पाचन में बहुत उपयोगी होती है.

    दालचीनी को पानी में उबालकर, शहद के साथ सुबह खाली पेट पीने से काफी आराम मिलता है.
    (अधिक पढ़े : Gastric problem and solution tips in hinid (पेट की गैस दूर करने के घरेलू उपाय)
    )

    7. दालचीनी के औषधीय गुण कोलेस्ट्रॉल करें कम ( Dalchini se cholesterol kam karen) :

    दालचीनी के औषधीय गुण यह भी है कि यह कोलेस्ट्रॉल कम करता है. ज्यादा ऑयली चीज़ों से कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है
    दालचीनी ब्लड से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को काफी कम करने मदद करता है जिससे हृदई रोग के खतरे को कम भी करता है.
    Cinnamon कुल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, “खराब” LDL कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स, जबकि “अच्छा” HLD कोलेस्ट्रॉल स्थिर रहता है

    आप अपने कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने के लिए रोज दिन में एक बार दालचीनी को अपने कॉफी या चाय में मिलाकर सेवन करे, या किसी भी भोजन में हल्की मात्रा में छिडक कर इस्तेमाल करें.

    8. दालचीनी के लाभ रक्त परिसंचरण में (benefits of cinnamon in blood circulation in hindi) :

    दालचीनी रक्त परिसंचरण को ठीक करता है, इसमे क्यूमरिन Coumarin नामक गुण होता है जो एक शक्तिशाली एन्टी-कोगुलेटर है जो रक्त को जमने से बचाता है साथ ही पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण (blood circulation) को सुधरता है.

    बस ध्यान रखे दालचीनी का सेवन कम ही करना सही माना जाता है क्योंकि क्यूमरिन लिवर की कार्यशीलता पे प्रभाव डाल सकता है. क्यूमरिन रक्तचाप भी कम कर सकता है और गठिया और अन्य सूजन की स्थिति के कारण सूजन से छुटकारा पा सकता है.

    9. दालचीनी के औषधीय गुण में दिल के खतरों को कम करता है. (Benefits of cinnamon for reduce heart problems) :

    हाई कोलेस्ट्रॉल, खराब रक्त संचार (poor blood circulation), उच्च रक्तचाप (high blood pressure) आदि दिल से संबंधित बड़े खतरों में शामिल है.

    आपने ऊपर देखा कि कैसे दालचीनी कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, रक्त संचार बढ़ाता है, रक्त में शर्करा स्तर कम करता है. तो इसके फायदे कही न कही दिल पर ही रही है क्योंकि यह सभी प्रोब्लेम्स हृदय संबंधित है.

    इस प्रकार दालचीनी का सेवन कोलेस्ट्रॉल को कम कर, रक्त संचार बढ़ा कर, ब्लड प्रेशर कम कर दिल की रक्षा करता है.

    10. कैंसर से बचाव में है दालचीनी पाउडर के फायदे
    (Cinnamon benefits for treatment of cancer in hindi) :

    कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिससे अनियंत्रित cell growth होता है. कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए दालचीनी का व्यापक रूप से अध्ययन किया गया है.

    यह कैंसर वाली कोशिकाओं के विकास को कम करता है/धीमा करता है और ट्यूमर में रक्त वाहिकाओं के निर्माण को कम करता है और कैंसर कोशिकाओं के लिए विषाक्त प्रतीत होता है, जिससे cells मृत्यु हो जाती है.

    11. दालचीनी पाउडर है गठिया के दर्द को कम करने में मददगार – Cinnamon benefits for Arthritis in Hindi :

    Cinnamon meaning in hindi

    गठिया दर्द से अगर आप परेशान है तो दालचीनी आपके लिए फायदेमंद ही सकता है.

    दालचीनी पाउडर में गठिया दर्द “साइटोकिन्स (cytokines)” को कम करने की अतभूत क्षमता हैं.

    एक चम्मच शहद में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर सेवन करें. एक हफ्ते में ही गठिया के दर्द से काफी राहत मिल जाएगी तथा एक महीने के अंदर बिना दर्द के चलना-फिरना चालू कर देंगे.

    12. अल्जाइमर रोग में दालचीनी का चूर्ण (cinnamon powder for Alzheimer’s disease) :

    Animal Study ने सुझाव दिया है कि दालचीनी अल्जाइमर रोग को रोकने में मदद कर सकती है.

    Tel Aviv University के अध्य्यन के मुताबिक CEppt नामक एक एक्सट्रेक्ट पाया जाता है जो अल्जाइमर के विकास को रोकता है.

    दालचीनी का उपयोग अल्ज़ाइमर के उपचार में भी किया जाता है.

    13. रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के टिप्स में daalchini ke upyog :

    आजकल की खानपान और वातावरण के कारण लोग जल्दी बीमार पड़ जाते है, बरसात के मौसम में लोग जल्दी बीमार हो जाते है कारण है रोगप्रतिरोधक क्षमता का कमजोर हो जाना. रोगप्रतिरोधक क्षमता के कम होने का कारण है बरसात में कीटाणुओं का आक्रमण बढ़ जाता है. दालचीनी का उपयोग immune system यानि रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाने में भी किया जाता है. दालचीनी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर खाने से immune system मजबूत बनती है.

    14. थकान दूर करने में है daalchini ke fayde :

    आजकल के लोग थोड़े से ही काम मे थक जाते है. थकान महसूस होने के कुछ और कारण भी हो सकते है जैसे कोई अन्य रोग, पर बिल्कुल स्वस्थ होते हुए भी थोड़ी सी मेहनत का काम करने पर थकान आ जाये तो दालचीनी पाउडर मदद कर सकती है. थकान दूर करने के घरेलू उपाय में 1 चम्मच दालचीनी में 2-3 चम्मच शहद मिलाकर सुबह सेवन करें.

    15. इंफेक्शन से लड़ने के घरेलू उपाय में दालचीनी का यूज़ :

    Cinnamaldehyde एक active ingredient है जो दालचीनी में अच्छी मात्रा में पाया जाता है. यह active ingredient इंफेक्शन से लड़ने ने मदद करता है. इंफेक्शन के घरेलू नुस्खे में दालचीनी का तेल उपयोग में लाया जाता है. श्वसन तंत्र संक्रमण (respiratory tract infections) को दूर करने में दालचीनी का उपयोग किया जाता हैं.

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    16. सांसों की बदबू का इलाज है दालचीनी का पाउडर (cinnamon for bad breath in hindi) :

    दालचीनी में anti microbial के गुण पाया जाता है जिसका दांत की सड़न दूर करने के घरेलू उपाय में किया जाता है. इसका सेवन दांतों को मजबूत बनता है, दांत की सड़न दूर करता है साथ ही सांसों की बदबू का इलाज करता है. इसीलिए टूथ पेस्ट में भी इसका उपयोग किया जाता हैं.

    17. HIV Virus से लड़ता है दालचीनी पाउडर (cinnamon powder for HIV) :

    HIV virus बहुत ही खतरनाक होता है जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को नष्ट कर देता है, और अगर इसका इलाज ना किया जाए तो AIDS जैसी समस्या पैदा हो जाती है.

    HIV-1 वायरस को खत्म करने के लिए एक research में 69 पौधों का अध्ययन किया गया है जिसमे cinnamon यही दालचीनी को बहुत ही कारगर पाया गया.

    दालचीनी की चाय पीने के फायदे (benefits of cinnamon tea in hindi) :



    शहद दालचीनी की चाय पीने के फायदे बहुत है जैसे इसमें कैलोरी नही होती तो वजन कम करने वालो के लिए बहुत फायदेमंद है.
    दालचीनी की चाय इंसुलिन कम करने में मददगार है.

    दालचीनी की चाय बनाने की विधि

    : दालचीनी की चाय के फायदे लेना चाहते है तो जानें दालचीनी की चाय बनाने की विधि के बारे में.

    दालचीनी की चाय पीने के फायदे

    सामग्री (Ingredients) :

    – 1 ltr पानी,
    – 1 दालचीनी की स्टिक या 5 चम्मच दालचीनी का पाउडर,
    – 1/2 चम्मच शहद.

    विधि (Method) :

      – एक बर्तन में 1 लीटर पानी उबालें,
      – अब इसमें दालचीनी की स्टिक या पाउडर डालें,
      – अब इस पानी को धीमी आंच पर 5 मिनट रखें, दालचीनी की चाय बन गया है.

    चाय को ठंडा होने दें, ठंडी होने में बाद इसमें शहद मिला लें.
    इस चाय का सेवन दिन में तीन बार (सुबह, दोपहर और रात ) को करें आप चाहें तो इसे गर्म भी पी सकते है ठंडा करना ज़रूरी नहीं.

    दालचीनी के नुकसान (Risks and side effects of cinnamon in hindi) :


    दालचीनी के हानि दालचीनी के नुकसान

    दालचीनी के फायदे और नुकसान दोनो ही है अगर दालचीनी की मात्रा सीमित में उपयोग किया जाए तो बहुत फायदेमंद है पर अगर बहुत ज्यादा उपयोग किया जाए तो इससे हानि भी होने लगता है. दालचीनी के हानि कुछ इस प्रकार है :

    1. कैंसर : दालचीनी की मात्रा कम हो तो कैंसर कम करने में मदद करती है पर अगर मात्रा ज्यादा हो तो लिवर, फेफड़े और किडनी में कैंसर वाली ट्यूमर बनने लगती है.

    2. किडनी : दालचीनी की उपयोग अधिक हो तो किडनी डैमेज हो सकती है साथ ही toxicity बढ़ सकती है.

    3. मुँह में घाव : कुछ लोगों ने बहुत अधिक दालचीनी खाने से मुंह घावों का अनुभव किया है क्योकि इसमें cinnamaldehyde नाम का एक compound होता है जो एलर्जी को बढ़ावा देती है.

    4. स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दालचीनी के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए.

    5. दालचीनी की हानि यह भी है कि इसका अधिक मात्रा श्वसन तंत्र पर भी पड़ता है, सांस लेने में समस्या हो सकती है.

    दालचीनी से सम्बंधित कुछ अन्य सवाल जवाब :


    1. दालचीनी की तासीर क्या है.

    दालचीनी की तासीर गर्म है इसलिए इसका सेवन ठंड़ीयो में करना ज्यादा फायदेमंद होता है. गर्मियों में खास सावधानी से इसका उपयोग करना चाहिए.

    2. दालचीनी की मात्रा कितनी होनी चाहिए :

    ऊपर आपने देखा दालचीनी का सेवन सीमित मात्रा में किया जाए तो फायदेमंद है और अधिक किया जाए तो हानिकारक है
    तो सवाल ये उठता है कि आख़िर कितनी मात्रा फायदेमंद होती है.

    वैसे तो सामान्यतः 1- 1.50 चम्मच मतलब एक से डेढ़ चम्मच दालचीनी शरीर के लिए नुकसानदेह नही है.

    पर शरीर के वजन से समझते है.

    दालचीनी की डोज़ 0.05mg/पाउंड या 0.1mg/kg है
    मतलब अगर आपका वजन 60 kg है तो

    0.05 mg X 60 kg = 130 पाउंड
    या
    0.1 mg X 60 kg = 6.0 mg

    3. दालचीनी कैसे खाएं (how to take cinnamon):

    कुछ लोगो का ये भी सवाल रहता है कि दालचीनी के सेवन करने का तरीका क्या होता है.
    इसको आप चाय बना कर पी सकते है, दूध में मिलाकर पिएं या सब्जियों में मसालों की तरह उपयोग करें
    इसके तेल का उपयोग स्कीन में लगा कर उपयोग किया जा सकता है.
    दालचीनी और शहद को एक साथ मिलाकर भी सेवन कर सकते है.

    तो पाठको उम्मीद करता हु दालचीनी के फायदे और नुकसान benefits and side effects of Cinnamon in hindi यह पोस्ट पसंद आई होगी, दालचीनी से सम्बंधित इस पोस्ट में कुछ पूछना हो तो कमेंट करके बतायें.

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