Oats in hindi ओट्स के फायदे और नुकसान (ओट्स इन हिंदी) :

सुबह के नाश्ते में ओट्स का सेवन करना बहुत ही बढ़िया माना जाता है क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है. सुबह का ओट्स से किया गया नाश्ता दिन भर के काम करने लायक ऊर्जा दे देती है, इसी लिए लोग इसे रिकमेंड करते हैं.
Oats जिसे हिंदी में जई के नाम से जाना जाता है एक प्रकार का बहुत ही फायदेमंद अनाज है. आज के इस आर्टिकल में हम ओट्स इन हिंदी (Oats in hindi) ओट्स के फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे.

Table of Contents

Oats in hindi ओट्स के फायदे और नुकसान (ओट्स इन हिंदी) :


ओट्स के फायदे और नुकसान जानने से पहले इसके बारे में थोड़ी सी जानकारी ले लेते है.

ओट्स क्या है (oats kya hai)

Oats in hindi

ओट्स एक प्रकार का अनाज है जिसे भारत मे, हिंदी में जई के नाम से लोग जानते हैं. इसका वैज्ञानिक नाम अवेना सैटाइवा (Avena sativa) है. यह अनाज सबसे पहले स्कॉटलैंड में उगाया गया था. जैसे भारत मे चावल को मुख्य अनाज के रूप में उपयोग करते है वैसे ही स्कॉटलैंड में जई (oats) को मुख्य अनाज के रूप में इस्तेमाल करते है. जब भारत मे यह अनाज आया तब इसे सिर्फ पशुओं को खिलाने में उपयोग करते थे पर इसके फायदे को जानने के बाद लोग ओटमील के रूप में उपयोग करने लगे.

ओट्स में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैलोरी की अच्छी मात्रा होती है इसलिए इसे सुबह के नाश्ते में उपयोग करने की सलाह दी जाती है. Oats में पानी मिलाकर खाने से अच्छा दुध मिलाकर सेवन करने से प्रोटीन की ज़रूरत पूरी हो जाती है. ओट्स के बहुत से फायदे है शायद इसीलिए दुनिया भर में हर साल 30 मिलियन टन ओट्स की खेती की जाती है. 2016 में 22,991,780 टन ओट्स का उत्पादन किया गया था.

ओट्स में पाए जाने वाले पोषक तत्व (oats nutrition in hindi)
ओट्स के लाभ इसमें मौजूद पोषक तत्व की मात्रा है जो ओट्स खाने वाले को बहुत से फ़ायदे दे सकता है. ओट्स के लाभ के बारे में जानने से पहले इसमें उपलब्ध पोषक तत्वों की जानकारी लेते है.

Nutritional value per 100 g

  • Energy : (389 kcal)

  • Carbohydrates: 66.3 g

  • Dietary fiber : 11.6 g

  • Fat : 6.9 g

  • Protein : 16.9 g

  • Vitamins:
      – Thiamine (B1) : 0.763 mg
      – Riboflavin (B2) : 0.139 mg
      – Niacin (B3) : 0.961 mg
      – Pantothenic acid (B5) : 1.349 mg
      – Vitamin B6 : 0.12 mg
      – Folate (B9) : 56 μg

  • Minerals :
      – Calcium : 54 mg
      – Iron : 5 mg
      – Magnesium : 177 mg
      – Manganese : 4.9 mg
      – Phosphorus : 523 mg

      – Potassium : 429 mg

      – Sodium : 2 mg
      – Zinc : 4 mg



  • Other constituents :

    तो आपने ऊपर 100 ग्राम ओट्स में पाए जाने वाले पोषक तत्व
    के बारे में देखा. अब कुछ पोषक तत्वों के उपयोग के बारे में जानते है.
    (Oats neurietion in hindi)

    घुलनशील फाइबर (Soluble Fibre) : जई एक beta-glucan नामक एक अनूठी प्रकार के फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, 100g ओट्स में लगभग 4g घुलनशील फाइबर होता है Food and Drug Administration के अनुसार इसका रेगुलर सेवन दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. यह कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मदद करता है.

    विटामिन (Vitamin), फैट (Fat) : ओट्स में मुख्यतः विटामिन बी होता है जो cell के निर्माण और रक्त के लिए आवश्यक होता है.

    ओट्स में 5-9% से लेकर अधिकांश अनाज की तुलना में अधिक वसा होता है, इसमें ज्यादातर unsaturated fatty acids होता है.

    ओट्स के प्रकार (types of oats in hindi)


    यूं तो लोग सिर्फ एक प्रकार के जई के बारे में जानते है, पर एक ही जई को पीसकर, काटकर अलग अलग तरह के ओट्स का निर्माण किया जाता है. अगर आप इसके बारे में नही जानते तो यहां देखें.

    ओट्स को किस तरह से उपयोग किया जाता है इस आधार पर इसे 6 भागो में बांटा गया है..

    1. Oat bran : यह ओट्स का पहला form होता है जिसमें जई कवच से घिरा रहता है. यह कवच पोषक तत्वों से भरपूर होता है इसलिए इसे कवच के साथ पिसा जाता है.

    2. Oat Groats : ओट अनाज जई अनाज की पतवार के अंदर रहते हैं. यानी कवच के अंदर के अनाज को निकाला जाता है, इसे चावल की तरह पकाया जाता है.

    3. Steel-Cut : steel-cut जई में Oat Groats यानी कवच निकले अनाज को 2-3 भागों में काटकर बनाया जाता है.

    4. Scottish Oats : Scottish Oats को steel cut की तरह काटा जाता है पर यह बहुत ही बारीक होता है. बहुत ही छोटे छोटे टुकड़े करने पर Scottish Oats मिलता है.

    5. Rolled or Old-Fashioned : Oat Groats को भाप से पकाया जाता है जिससे घर मे ओट्स बनाने पर पकने में जल्दी होता है

    6. Quick or Instant : Oat Groats बहुत ही लंबे समय के लिए भाप में पकाया जाता है जिससे यह ज्यादा पानी सोख कर रखता है. इसे पकाने में और भी आसानी होती है.

    अब जानते है जई के फायदों के बारे में. (Benefits of oats in hindi)

    जाई के फायदे (oats ke fayde hindi me)


     

    1. ओट्स के फायदे हृदय की रोगों को दूर करने में (oats for heart health) :

    जई एक beta-glucan नामक एक अनूठी प्रकार के फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, बीटा ग्लूकॉन शरीर के कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बहुत लाभदायक होता है.

    बीटा ग्लूकॉन गुण कोलेस्ट्रॉल (good cholesterol) को बिना इफ़ेक्ट किये बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है जो दिल की स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है.

    इसमें antioxident गुण भी पाया जाता है जो दिल की बीमारियों को दूर करता है, इसीलिए ओट्स को दिल के लिए key food item कहा जाता है.

    ओट्स के फायदे और नुकसान

    2. रक्त शर्करा को स्थिर करने में ओट्स के लाभ (oats for diabetes in hindi) :

    ओट्स फाइबर से भरपूर होता, फाइबर युक्त भोजन को पचने में देर लगता है. जो भोजन जल्दी पच जाता है वह suger level बढ़ने का कारण होता है.

    जई ब्लड शुगर को स्थिर करने और टाइप -2 मधुमेह (Type-2 Diabetes) के जोखिम को कम करने में मदद करता हैं, इसलिए डायबिटीज से ग्रसित लोगो को नियमित रूप से जई का सेवन करना चाहिए.

    एक स्टडी के अनुसार ओट्स का सेवन type 2 diabetes वाले रोगियों में ग्लूकोज और लिपिड प्रोफाइल पर एक फायदेमंद प्रभाव पड़ता है. इसमें पाये जाने वाले बीटा ग्लूकॉन ब्लड शुगर लेवल को कम करता है.

    3. ओट्स के फायदे कैंसर से लड़ने में (oats benefits for cancer in hindi) :

    ओट्स में Antioxidant का गुण पाया जाता है जई का यह एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से लड़ने में मदद कर सकता हैं.

    800,000 लोगो के साथ हुए 12 अध्ययन में साबित हुआ है कि ओट्स का सेवन कैंसर के कारण होने वाली मृत्यु को 20% तक कम कर सकता है.

    जई में मौजूद फाइबर रेक्टल और कोलन कैंसर को रोक सकता है वही इसका सेवन आंत्र कैंसर के खतरे को भी कम कर सकता है.

    4. वजन घटाने में ओट्स का उपयोग (oats diet for weight loss in hindi) :

    बढ़ती वजन, थुलथुला शरीर से आज भारत मे लगभग 10 मिलियन लोग ग्रसित है. बढ़ता वजन बीमारियों का घर बनता जाता है, मोटापे से कई प्रकार के अन्य रोग भी जन्म लेने लगते है जैसे दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज इत्यादि.

    मोटापे से ग्रसित लोगो को जिस तरह का डाइट प्लान दिया जाता है उसमें ओट्स का उल्लेख रहता ही है. क्योंकि ओट्स के फायदे वजन कम करने में भी होता है.

    ओट्स में बीटा ग्लूकॉन गुण कोलेस्ट्रॉल (good cholesterol) को बिना इफ़ेक्ट किये बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है, फैट का उपयोग करता है, जो वजन घटाने में हेल्प करता है.

    ओट्स में हाई फाइबर होता है जैसे कि आपको पता है फाइबर युक्त भोजन को पचने में देर लगता है. ओट्स के सेवन से देर में पचने के कारण देर तक पेट मे रहता है जिससे पेट भरा रहता है. इससे बार बार खाने की इच्छा नही होती इसलिए वजन घटाने के डाइट प्लान में इसको ज़रूर सम्मिलित किया जाता है.
    ( Also Read : Weight loss tips in hindi वजन घटाने के घरेलू उपाय)

    5. कब्ज दूर करने में जई के लाभ (oats for constipation in hindi) :

    चूंकि ओट्स और ओटमील फाइबर में समृद्ध है तो यह कब्ज से छुटकारा पाने में सहायक है. ओट्स को मल वजन बढ़ाने के लिए भी पाया गया था, जिससे कब्ज का इलाज होता था.

    जई अघुलनशील फाइबर का एक अच्छा स्रोत है जो पानी को अवशोषित करने में मदद करता है जिससे मल (stool) को चिकनी और आसान मार्ग के लिए आंतों में चलने में मदद मिलती है. यह भी सूजन, गैस और दस्त को भी रोकता है.

  • यूरिन इन्फेक्शन क्या है? लक्षण, कारण और आयुर्वेदिक इलाज (urine infection in hindi)
  • How to get pregnant in Hindi जल्दी प्रेग्नेंट होने के टिप्स
  • How to increase sex stamina in hindi ( सेक्स पावर बिना मेडीसिन के)
  • नेत्रदान कैसे करे? कौन कर सकता है नेत्रदान पूरी जानकारी हिंदी में

    6. ब्लड प्रेशर कम करने में ओट्स के फायदे (benefits of oats in hindi) :

    आजकल की खानपान, रहनसहन से लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो जाये है. बहुत से लोग ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या से ग्रस्त है.

    जिन लोगो को ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत रहती है उन्हें ओटमील खाने को कहा जाता है. ओटमील का यह डाइट उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करता है.

    उच्च रक्तचाप का मरीज अगर ओट्स का रोज़ सेवन करे तो सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर (systolic blood pressure) 7.5 points और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर (diastolic blood pressure) 5.5 point तक कम हो सकता है. साथ ही यह दिल की अनेक बीमारियों से लड़ने में मदद करता है. Heart health रिस्क को 22% तक कम करता है. ( Also Read : high blood pressure क्या है, कारण, लक्षण और bp कम करने के आयुर्वेदिक उपचार)

    7. इम्युनिटी सुधारने में ओट्स के फायदे (oats as immunity booster food) oats in hindi

    ओट्स को इम्युनिटी बूस्टर फ़ूड (immunity booster food) की लिस्ट में भी शामिल किया गया है कारण है इसमें मौजूद इम्युनिटी बूस्ट करने वाले पोषक तत्व.

    ओट्स में पाए जाने वाला बीटा-ग्लुकन शरीर की प्रतिरक्षा स्तर को बढ़ा देता है. यह सफेद रक्त कोशिकाओं की गतिविधि को बढ़ाता है और रोग के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है. ओट सेलेनियम (salenium) और जिंक से समृद्ध होता हैं जो संक्रमण से लड़ने में अहम भूमिका निभाता है. घावों को तेजी से भरने में, एंटीबायोटिक दवाओं के असर को बढ़ाने में भी बीटा ग्लूकॉन का अहम रोल होता है.

    8. ओट्स का उपयोग त्वचा की सेहत के लिए (oats in hindi for skin health) :

    ओट्स का सेवन त्वचा की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसका उपयोग चेहरे की मुहाँसे, झाइयां, झुर्रियां, रूखी त्वचा इत्यादि पर बहुत असरदार होता है.

    चेहरे की मुहाँसे दूर करने के लिए आपको आधा कप ओट्स को एक पानी मे डालकर उबाल लेना है और ठंडा होने के लिए छोड़ देना है, ठंडी हो जाने पर उस पेस्ट को चेहरे लगाना है और 20 मिनट के लिए छोड़ देना है. 20 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लेना है.
    यह आपकी त्वचा पर अतिरिक्त तेल को सूख कर मुँहासे के इलाज में मदद कर सकती है.

    9. डैन्ड्रफ से छुटकारा दिलाने में ओट्स के फायदे (oats for dandruff and scalps) :

    बालो में रूसी और स्कैल्प बालों का एक आम प्रॉब्लम है. यह भी एक प्रकार का चर्म रोग होता है जो फंगल इंफेक्शन के कारण होता है.

    1 कप ओट्स लेकर उसे मिक्सर से बारीक पीस लें. 2 कप पानी से साथ उबालकर पेस्ट बना लें, ठंडा होने के लिए 10 मिनट के लिए रख दें. अब इसमें 1 चम्मच नींबू रस, 1 चम्मच सेब साइडर विनेगर (सेब का सिरका) मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें और खाली शैम्पू की बोतल में स्टोर करके रखें.
    ( Also read : Hair fall solution in hindi (झड़ते बाल रोकने के घरेलू उपाय))

    इस मिक्सचर को नहाने के टाइम 2-5 मिनट के लिए लगा कर रखे और फिर wash कर लें. रूसी और स्कैल्प साफ हो जाएगा.

    10. खुजली और सुखी त्वचा में सहायक है ओट्स (oats for dry and itchy skin) :

    ओट्स में एंटीऑक्सिडेंट और anti-inflammatory का गुण पाया जाता है जो खुजली और सुखी त्वचा के उपचार में उपयोग होता है.

    इसके लिए 1 कप ओट्स को बारीक पीसकर, पानी मे उबालकर पेस्ट बना ले और पेस्ट को चेहरे पर लगा कर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें. बाद में साफ पानी से चेहरा धो लें.

    11. छोटी माता (chiken pox) की खुजली दूर करने में ओट्स का उपयोग :

    हजारों वर्ष पहले से, ओट्स चिकन पॉक्स के लक्षणों के इलाज के लिए उपयोग किया था. चिकन पॉक्स के कारण खुजली से राहत देने के लिए अपनी त्वचा के खुजली वाले क्षेत्रों पर रगड़ सकते हैं.

    एन्टी ओक्सिडेंट गुण के कारण यह सोरियासिस, सनबर्न, और चिकन पॉक्स से होने वाली खुजली को ठीक करने में लाभकारी है.

    खुजली से राहत पाने के लिए ओट्स को पीस ले, इसे एक पतले कपड़े पर रखें,
    अब एक नल के चारों ओर इस कपडे को लपेटकर बाँधें और फिर नल चालू कर दें. जो पानी निकलकर आये, उससे स्नान करें.

    यदि ऐसा ना कर पा रहे हो तो एक बड़ी बाल्टी में पानी लेकर ओट्स का आटा मिला दे और उससे स्नान करें, फिर थोड़ी देर बाद साफ पानी से नहा लें.

    ओट्स के अन्य फायदे other benefits of oats in hindi :

    ओट्स का उपयोग त्वचा में निखार लाता है, रंग गोरा, और चमकदार बनाता है.

  • पाचन शक्ति ठीक करता है.
  • इसमें विटामिन ए भी पाया जाता है तो आंखों की रोशनी बढ़ाने में काफी मददगार होता है.
  • ओट्स का रोज़ाना सेवन हड्डियों को मजबूत बनाता है.
  • ओट्स में फाइबर और मैग्नीशियम पाया जाता है जो कि दिमाग में सेरोटोनिन (serotonin) की मात्रा बढ़ाते हैं जिससे मस्तिष्क शांत रहता है, मनोदशा अच्छी रहती है, यह तनाव, चिंता दूर करने में सहायक है.
  • एमिनो एसिड और अन्य पोषक तत्व melatonin नामक केमिकल के निर्माण में मदद करता है जससे नींद अच्छी आती है.
  • ओट्स मुहांसों को दूर करने में सहायक है, ऑयली स्किन का बेहतर उपाय है
  • anti-inflammatory गुण के कारण बच्चों में होने वाली अस्थमा जैसे क्रोनिक रोग से बचाता है.
  • ओट्स का उपयोग बालों को चमकदार और सिल्की बनाने का काम कर सकता है.
  • उच्च फाइबर से रजोनिवृत्ति के दौरान चिड़चिड़ापन से छुटकारा पा सकते हैं, और जई (oats) इस पहलू में अद्भुत काम कर सकते हैं.

    ओट्स के नुकसान (side effects of oats in hindi)


    आपने ऊपर ओट्स के फायदे के बारे में पढ़ा अब जान लेते है ओट्स के नुकसान क्या क्या हो सकते है.
    ओट्स के फायदे और नुकसान दोनो ही है अगर आप जई का सेवन गलत ढंग और अन्य बीमारियों/स्थितियों में करते है तो यह नुकसानदेह साबित हो सकता है. ओट्स के नुकसान कुछ इस प्रकार है :

  • 1. जई के सेवन से पेट मे गैस और डकार की शिकायत हो सकती है.
  • 2. अगर आप ओट्स को चबा नही पा रहे है, दाँत ना हो या मुह किसी भी प्रकार की समस्या हो जिससे ओट्स को चबाने में दिक्कत हो रही हो तो इससे दूर रहे, अच्छे से चबाकर ना खाने पर आंतो में रुक सकती है जिससे नई समस्या उत्पन्न हो सकता है.
  • 3. अगर आपको पाचन संबंधी समस्या है तो ओट्स के सेवन से बचे.
  • 4. बाजार में मिलने वाले ओट्स ने कृत्रिम शक्कर मिला हो सकता है जो डायबिटीज के रोगियों के लिए नुकसानदेह है.

    ओट्स कैसे बनायें | ओट्स बनाने की रेसीपी (oats in hindi)


    बहुत से यह सवाल करते रहते है कि ओट्स कैसे बनायें जाते है या ओट्स बनाने की विधि क्या है? ओट्स का सेवन आप कई तरीकों से कर सकते है जिसे यह विधि बहुत ही फेमस है.
    इसके लिए :

    आवश्यक सामग्री :

    • 1/2 कप rolled ओट्स
    • 1 कप पानी या दूध
    • काला नमक

    विधि :

    तीनो सामग्री को अच्छे से मिक्स कर उबाल लें.
    उबाल कर निकाल लें. और मध्यम ताप पर रखकर उसका सेवन करें.
    ओट्स को और टेस्टी बनाने के लिए उसमे नींबू, दालचीनी, इलायची, नट्स इत्यादि मिलाकर पका सकते है.
    इसको पकाने के अलग अलग विधि है, यहाँ पर आपको 2 सबसे पॉपुलर रेसीपी के बारे में बताया गया है. अगर आप रिक्वेस्ट करते है तो अगली पोस्ट में विभिन्न प्रकार के रेसिपीज के तरीके लाएंगे. दूसरा रेसीपी है :

    ओट्स कैसे बनाये - ओट्स की रेसिपी

    केले और ओट्स की स्मूदी

    आवश्यक सामग्री :

    • 1/4 कप ओट्स
    • 1/2 कप कम फैट वाला योगर्ट
    • 1/2 कप फैट फ्री दूध
    • 1 केला (3-4 टुकड़ो में काट कर)
    • 1/4 tspn दालचीनी
    • 2 चम्मच शहद

    विधि :

    ऊपर दिए सभी इंग्रेडिएंट्स को एक बर्तन में लेकर अच्छे से मिक्स करें और तुरंत परोसें.

    ओट्स बनाने का तरीका

    यह बातें भी याद रखें :

    – बाज़ार में ओट्स से बने तरह तरह के ब्रेड, बिस्किट और कुकीज़ आसानी से मिल जाता है. वजन घटाना चाहते हो या डायबिटीज पेशेंट हो तो नार्मल ब्रेड बिस्किट से अच्छा ओट्स से ब्रेड बिस्कुट का उपयोग करें.

    – सुबह के ब्रेकफास्ट में स्टील कट ओट्स का उपयोग करें.

    – फलों और नट्स के साथ ओट्स का प्लेट एक स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता हो सकता है.

    – जब भी शॉप से ओट्स खरीदे, यह जांच कर ले कि उसमें एक्स्ट्रा suger या salt तो नही है.

    – इसे तीन महीने तक ठंडा, गहरा अलमारी में रखा जाना चाहिए.

    – गेहूं के आटे या अन्य आटो की तुलना में ओट आटे का शेल्फ लाइफ अधिक होता है क्योंकि जई में प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट होता है जो इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखता है.

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उसके जवाब (frequently asked questions about oats in hindi)

    प्रश्न : क्या ओट्स को कच्चा, सूखा खाया जा सकता है?
    उत्तर : हां, आप ओट्स को कच्चा खा सकते है पर हाई फाइबर के कारण आंतो में समस्या आ सकती है इसलिए पका कर खाना की बेहतर है.

    प्रश्न : ओट्स कैसे बनायें?, ओट्स कैसे खाएं?
    उत्तर : ओट्स बनाने की विधि ऊपर दी गयी है अगर आप और रेसिपीज के बारे में जानना चाहते हैं तो कमेंट करके बतायें, हम अगली पोस्ट में एक से बढ़ कर ओट्स की रेसेपी लाएंगे, ओट्स खाने की विधि कुछ खास तरह से नही है बस कच्चा खाने से बचें और चबा चबा कर खाएं.

    प्रश्न : क्या गर्भवती महिलाएं ओट्स लें सकती है?
    उत्तर : हां, प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी ओट्स फायदेमंद है.

    प्रश्न : क्या स्तनपान महिलाएं ओट्स लें सकती है?
    उत्तर : हां, स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी ओट्स का सेवन कर सकती है. यह सुरक्षित है.

    प्रश्न : ओट्स खाने का सही समय क्या है?
    उत्तर : ओट्स को आप किसी भी समय खा सकते हैं पर अधिकतर मामलों में सुबह ब्रेकफास्ट की तरह सेवन करने का सुझाव दिया जाता है.

    प्रश्न : क्या ओट्स में प्रोटीन होता है?
    उत्तर : हां, अन्य अनाजों की तुलना में ओट्स में सबसे ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है.

    निष्कर्ष :ओट्स वाकई में अनाज के रूप में एक अनमोल उपहार है. ओट्स अपने आप मे एक पौष्टिक आहार है. इसका उपयोग मुख्यतः वजन घटाने वाले लोगो के डाइट प्लान में होता है. यह ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर लेवल को भी मेन्टेन करके रखता है. ओट्स के फायदे और नुकसान के बारे में आप परिचित हो गए हैं तो आप ऊपर की स्थिति के अनुसार इसका प्रयोग कर सकते हैं. छोटे बच्चों में ओट्स के सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से संपर्क ज़रूर कर लें.

    तो पाठको Oats in hindi ओट्स के फायदे और नुकसान (ओट्स इन हिंदी) यह आर्टीकल कैसा लगा ज़रूर बतायें.
    आगे आने वाली लेख के updates पाने के लिए ईमेल पर सब्सक्राइब कर ले या हमारा फेसबुक पेज लाइक कर ले ताकि नोटिफिकेशन आप तक पहुच जाए. साथ ही पोस्ट को फेसबुक व्हाट्सएप्प में शेयर करना ना भूले. धन्यवाद

    इनके भी फायदे नुकसान पढ़े :

    नींबू | Aloe vera | Rooh afza | मुल्तानी मिट्टी | कलौंजी | ब्लैक बीन | अलसी | अरंडी तेल | अश्वगंधा |

  • Leave a Comment