शुरुवाती प्रेग्नेंसी के 12 लक्षण Pregnancy symptoms in hindi :
प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का एक सुंदर पल होता है. महिलाओं के लिए मां बनना बहुत ही सुखद एहसास होता है इसलिए महिलाओं में प्रेगनेंसी के समय उत्सुकता भी होती है. जो महिला गर्भ धारण करने की कोशिश कर रही हैं उनके मासिक धर्म मे रुकावट आ जाती है, उनके लिए मासिक धर्म का मिस होना गर्भावस्था के लक्षण हो सकते है. लेकिन यह ज़रूरी नहीं मासिक धर्म का रुकना गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण हो, इसके कुछ और भी कारण हो सकते है. आज के इस पोस्ट में हम कुछ 12 निशान देखेंगे जिससे पता चलेगा कि आप प्रेग्नेंट होने वाली है. सीधे शब्दो मे कहा जाये तो प्रेगनेंसी के लक्षण, Pregnancy symptoms in hindi देखेंगे.

Table of Contents

टॉप 12 प्रेग्नेंसी के लक्षण Pregnancy symptoms in hindi


कुछ महिलाएं सेक्स क्रिया के एक हफ्ते बाद बाजार में मिलने वाली प्रेग्नेंसी चेकर किट से चेक कर लेते है तो कुछ महिलाओं में सेक्स के 10 दिन बाद ओवुलेशन (ovulation) के बाद कुछ लक्षण जैसे थकान, शरीर का तापमान बढ़ना, ब्रैस्ट में दर्द होना जैसे कुछ लक्षण महसूस होते है. यह लक्षण महसूस होने का कारण है, निषेचित अंडे आपके शरीर को कुछ संकेत भेजते हैं, और हॉर्मोन में बदलाव आता है.

1. पीरियड ना आना है प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण (missed period a symptom of pregnancy)

पीरियड ना आना प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण में से एक है गर्भ ठहरने के बाद महिला को पीरियड आना रुक जाता है. अगर आपको प्रेग्नेंट होने की संभावना लग रही है और पीरियड भी बंद हो गया हो तो यकीनन यह प्रेगनेंसी के एक संकेत हो सकता है. लेकिन हर समय यह सही नही है. पीरियड रुकने के कुछ और कारण हो सकते है. तो नीचे के कुछ पॉइंट्स को भी पढ़ कर सुनिश्चित कर लें.
( इसे भी पढ़े :How to get pregnant in Hindi जल्दी प्रेग्नेंट होने के टिप्स
)

Tips :
*प्रेगनेंसी टेस्ट करें.
*अगर रिजल्ट पॉजिटिव निकले तो अपनी प्रसवपूर्व नियुक्ति निर्धारित करने के लिए डॉक्टर या midwife से संपर्क करें.
अगर कोई दवाई ले रहे है तो डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि मेडिसिन baby के लिए साइड इफेक्ट कर सकता है.

2. गर्भावस्था के लक्षण है स्पॉटिंग और क्रेम्पिंग (cramping and spotting is a synonyms of pregnancy) :

प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण 2 week

शुरुवाती पहले से चौथे सफ्ताह में पुरूष के स्पर्म अंडे से निषेचित होकर भ्रूण विकसित होने लगता है, बेबी के शरीर के अंग बनने लगता है. इस दौरान गर्भाशय से हल्का रक्तस्त्राव (bleeding) होने लगता है. साथ ही ऐंठन (cramping) महसूस होने लगती है. स्पॉटिंग और क्रेम्पिंग गर्भावस्था के लक्षण ही सकते है.

रक्तस्राव का रंग गुलाबी, लाल या हल्का भूरा हो सकता है.
4539 महिलाओं में की गयी study में, 28% महिलाओं में दर्द के साथ ब्लीडिंग देखने को मिला.

Tips :
*स्मोकिंग और ड्रिंकिंग छोड़ दें.
*दवाई लेने बंद कर दे, यह ब्लीडिंग बढ़ा सकती है. मेडिसिन लेने से पहले डॉक्टर से बात करें.

3. शारीरिक तापमान बढ़ना है गर्भधारण के लक्षण (raised body temperature is a synonyms of pregnancy in hindi) :

शरीर का तापमान अगर बढ़ने लगे तो यह भी प्रेग्नेंसी के एक लक्षण हो सकता है. बिना गर्मी या बुखार के भी शरीर का तापमान बढ़ जाए योगा, excercise करने पर जल्दी शरीर गरम हो जाये तो इस आधार पर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आप प्रेग्नेंट होने वाली है.

Tip :
*पानी ज्यादा पियें.

4. सुबह की कमजोरी, जी मिचलना और उल्टी आना भी प्रेगनेंसी के सिम्पटम्स है (nausea, morning sickness, vomitting is a symptoms of pregnancy) :

प्रेगनेंसी के लक्षण कैसे पहचानें

ज्यादातर महिलाओं में चौथे-छठवें सफ्ताह में जी मिचलने, सुबह की कमजोरी, और उल्टी जैसे कुछ लक्षण दिखाई देने लगती है. इसका मुख्य कारण अभी भी अनजान हैं, पर हॉर्मोन में बदलाव के कारण हो सकता है.
जी मिचलने, सुबह की कमजोरी, और उल्टी जैसे लक्षण 12 वें सफ्ताह तक धीरे धीरे कम हो जाता है.

Tip : अपने बिस्तर से नमकीन क्रैकर्स का एक पैकेट रखे और सुबह उठने से पहले कुछ खा लें.

ज्यादा पानी पी कर शरीर को हाइड्रेटेड रखें.

यदि आप तरल पदार्थ या भोजन को नहीं रख सकते हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें

इसे भी पढ़े :

  • नींबू के top 15 फायदे – benefits of lemon
  • Aloe vera के 10 आश्चर्यजनक फायदे
  • चेहरे से झुर्रिया (Wrinkles) हटाने के घरेलू उपाय
  • चेहरे से झाइयां (Frekles) हटाने के घरेलू उपाय

    5. थकान है प्रेगनेंसी के लक्षण (Fatigue: a symptoms of pregnancy) :

    गर्भावस्था के दौरान थकान किसी भी समय विकसित हो सकती है. सुबह कमजोरी महसूस हो सकता है. गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण में यह एक लक्षण आम है. प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है जिससे आपको दिनभर नींद महसूस हो सकता है.

    6. हार्ट रेट बढ़ जाना (increased heart rate) :

    प्रेग्नेंसी के 8वें से 10 वें सफ्ताह में हृदय का काम करना बढ़ जाता है. ज्यादा खून की पम्पिंग के कारण हार्ट रेट भी बढ़ जाता है. हार्मोन में बदलाव के कारण यह कॉमन लक्षण है.
    अगर आपका हार्ट से रिलेटेड प्रोब्लेम्स है तो मेडिसिन लेने से पहले डॉक्टर से बात करें.

    7. Blood pressure बढ़ना, चक्कर आना भी एक सिम्पटम्स है प्रेगनेंसी का :

    बहुत से केस में नॉर्मल ब्लड प्रेशर नीचे गिर जाता है जिससे चक्कर आने लगता है. वही कुछ केस में ब्लड प्रेशर हाई भी हो जाता है. 20 वें सफ्ताह में hypertension मतलब ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. डॉक्टर से ब्लड प्रेशर का चेकअप करवाएं.

    Tips :
    *चक्कर की स्थिति में पर्याप्त पानी पियें.
    *स्नैक्स खाएं.
    *ब्लड प्रेशर चेक करवाएं.
    *प्रेगनेंसी फ्रेंडली कसरत करें.

    8. वजन बढ़ना है प्रेगनेंसी के सिम्पटम्स (gaining weight is a symptoms of pregnancy) :

    प्रेगनेंसी के दौरान वजन बढ़ना एक कॉमन सी बात है. प्रेगनेंसी में breast, uterus, खून का बढ़ना, फैट के बनने आदि के कारण शरीर का वजन बढ़ने लगता है.
    गर्भावस्था के पहले महीने में ही 1 – 4 पाउंड (0.45kg – 1.8kg तक) वजन बढ़ जाता है.

    Pregnancy के दौरान इनके वजन बढ़ जाते है :

    • स्तन (Breast) – (लगभग 1 to 3 pounds)
    • गर्भनाल (placenta) – placenta (1 and 1/2 pounds)
    • गर्भाशय (uterus) – (लगभग 2 pounds)
    • भ्रूण अवरण द्रव (amniotic fluid) – (लगभग 2 pounds)
    • रक्त और अन्य तरल – (लगभग 5 to 7 pounds)<;r>
    • फैट (6 to 8 pounds)

    ****1 पाउंड = 0.45 किलोग्राम

    9. गैस बनना, सीने में जलन है प्रेगनेंसी के लक्षण :

    प्रेगनेंसी के सीधा असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है जिससे पेट मे गैस बनने की शिकायत होने लगती है. 1 से 9 सफ्ताह तक शरीर मे बदलाव के कारण पाचन क्रिया में भी बदलाव आ जाता है जिससे सीने में जलन भी महसूस होने लगती है.

    Tips :
    *खाना एक साथ खाने के बजाये थोड़े थोड़े करके बार बार खायें.

    ऐसा खाना खाना बंद करें जो ज्यादा देर में पचता हो. हल्के खाने का सेवन करें.

    10. स्तन के आकार में बदलाव, दर्द या झुनझुनी है pregnancy ke laksan :

    चौथे से छठवें सफ्ताह के बीच स्तन में बदलाव देखा जा सकता है. होर्मोन में बदलाव के कारण स्तन में दर्द, सूजन, झुनझुनी महसूस होना जैसे कुछ लक्षण हो सकते है. कुछ सफ्ताह ने शरीर जैसे जैसे हॉर्मोन को adjust करती है ब्रैस्ट वापस अपने आकर में आने लगता है और दर्द, झुनझुनाहट भी कम हो जाता है.

    11. बार बार पेशाब आना (frequent urine is a symptoms of pregnancy):

    गर्भावस्था के दौरान हॉर्मोन में बदलाव के कारण रक्त संचार भी बढ़ जाता है. किडनी में भी रक्त संचार बढ़ने के कारण पेशाब बनना तेज़ हो जाता है जिससे पेशाब बार बार आने की प्रॉब्लम आ जाती है, कभी कभी यूरिन लीकेज होने लगता है.
    ( इसे भी पढ़े :यूरिन इन्फेक्शन क्या है? लक्षण, कारण और आयुर्वेदिक इलाज (urine infection in hindi)
    )

    12. प्रेग्नेंसी के लक्षण है खाने से अरूचि होना :

    Pregnancy के समय होर्मोन में बदलाव के कारण खाने से अरुचि होने लगती हैऔर सिर्फ खट्टे खाने का ज्‍यादा मन होने लगा है. साधारण खाने में इंटेरेस्ट कम होने लगी है तो समझिए कि आपके पेट में कोई नन्‍ही जान पल रही है. इस दौरान चटपटे मसालेदार भोजन खाने का मन करता है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आप प्रेग्नेंट होने वाली है.

    तो पाठको शुरुवाती प्रेग्नेंसी के 12 लक्षण Pregnancy symptoms in hindi यह आर्टिकल आपको जरूर पसंद आया होगा. कैसा लगा आप कमेंट करके बतायें.
    आगे आने वाली लेख के updates पाने के लिए ईमेल पर सब्सक्राइब कर ले या हमारा फेसबुक पेज लाइक कर ले ताकि नोटिफिकेशन आप तक पहुच जाए. साथ ही पोस्ट को फेसबुक व्हाट्सएप्प में शेयर करना ना भूले. धन्यवाद.

    Leave a Comment