क्या है हाइपोथायरायडिज्म ? इसके लक्षण, कारण, और उपचार (thyroid in hindi);

तितली के आकार की थायराइड ग्रंथि (thyroid gland) जो थायराइड हॉर्मोन बनाती और रिलीस करती है, अगर इसका काम धीमा हो जाये तो इस स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म कहते है, आम बोलचाल में थायराइड प्रॉब्लम बोलते है.

क्या है हाइपोथायरायडिज्म? यह समस्या क्यो आती है?, समस्या होने पर लक्षण क्या क्या होते है?, डाइट प्लान क्या होना चाहिए? और इसका उपचार क्या हैं अगर इसकी जानकारी चाहते है तो यह आर्टिकल पूरा पढ़े.

क्या है हाइपोथायरायडिज्म ? इसके लक्षण, कारण, और उपचार (thyroid in hindi)

हाइपोथायरायडिज्म क्या है? यह कहा उपस्थित होती है?

थायराइड ग्रंथि (Thyroid gland) गले में, निचले भाग में पाई जाती है, जिसका आकार बिल्कुल एक तितली की तरह होती है,
थायराइड ग्रंथि बहुत ही रक्त नलिकाओं से भरी होती है जो पूरे शरीर मे थायराइड हॉर्मोन / आयोडीन के संचार का काम करती है.

Thyroid in hindi

थायराइड ग्रंथि थायराइड हॉर्मोन का निर्माण, स्टोर और रिलीस करती है जो कि

  • थयरोक्सिन (Thyroxin) या T4 और
  • ट्राइईडोथयरोनिन (triidothyronin) T3 हॉर्मोन है.

    Endocrines system में थायराइड ग्रंथि का महत्वपूर्ण काम है. शरीर के ग्रोथ और मेटाबॉलिसम में थायराइड हॉर्मोन एक अहम भूमिका निभाती है, थायरॉइड हार्मोन बेसल चयापचय दर (basal metabolic rate) में वृद्धि करते हैं और लगभग सभी शरीर के ऊतकों पर प्रभाव डालते हैं

    शरीर थायराइड हॉर्मोन के क्या क्या काम है? ) functions of thyroid hormone in body )

    थायराइड हॉर्मोन के मुख्य काम निम्न है :

  • यह भोजन में मौजूद पोषक तत्वों के अवशोषण में करने में help करती है.
  • नई कोशिकाओं के निर्माण में, और उसकी वृद्धि ने असर डालती है.
    भोजन में मौजूद ग्लूकोस को तोड़ कर एनर्जी provide करती है.

  • शरीर के ग्रोथ और डेवलोपमेन्ट में मदद करती है.
  • हार्मोन दिल की धड़कन की दर और ताकत बढ़ाती है जिससे रक्त संचार, ऑक्सिजन का उपयोग पर्याप्त रूप से होता है.
  • शरीर ने रक्त संचार बढ़ता है.
  • नींद में असर डालती है.
  • Sexual function में भी काफी उपयोग होता है.

    शरीर मे थायराइड हॉर्मोन की कमी के लक्षण (symptoms of hypothyrodism in hindi)

  • थकान
  • जल्दी सर्दी
  • बाल का पतला होना
  • बाल झड़ना
  • पसीना कम आना
  • त्वचा रूखी हो जाना
  • त्वचा में खुजली होना
  • हकलाहट
  • वजन बढ़ना
  • नाखून पतला हो जाना

    थायराइड के कारण (causes of thyroid in hindi )

    थायराइड प्रॉब्लम के कॉमन कारण निम्न है :

  • अनुवांशिक, फैमिली में अगर माता या पिता को थायराइड प्रॉब्लम हो तो नई पीढ़ी में यह स्थानांतरित हो सकती है.
  • ऑटोइम्यून रोग होने के कारण भी थायराइड हो सकती है.
  • कोई ऐसी दवाई का उपयोग करना जो थायराइड ग्रंथि को नुकसान पहुँचाती हो.
  • गर्दन या ऊपरी छाती में विकिरण से जोखिम का इतिहास
  • थायराइड की कोई सर्जरी
  • प्रेग्नेंसी के 6वें महीने में डिलीवरी हो जाने से भी थायराइड का जोखिम रहता है.

    किस उम्र में थायराइड की समस्या हो सकती है?

    थायराइड की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है. पर 90%
    केस में 19-60 साल की उम्र में थायराइड हो सकती है, 50-60 साल में तो यह बहुत ही आम है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा होती है.
    जन्मजात शिशु जिनमें थायराइड ग्रंथि का निर्माण नही हो पाता या अच्छे से डेवलोपमेन्ट नही हो पाता उनमें शुरुआत से ही यह समस्या हो जाती है.
    आयोडीन की कमी से होने वाले रोग में गण्डमाला भी एक रोग है जिसमे गले मे सूजन आ जाती है और फुल जाता है यह रोग बच्चों में ही अधिक देखा जाता है.

    ह्यपोथीरोडिसम का उपचार (how to cure thyroid in hindi)

    थायराइड की समस्या का इलाज उपलब्ध है, चुकी यह हॉर्मोन में असंतुलन होने के कारण पैदा होने वाला रोग है तो इसे मेडिसिन से उपचार किया जाता है. थयरोक्सिन हॉर्मोन की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टर Thyrox 50MG या Thyrox-100MG की सलाह देते है. (बिना डॉक्टर की सलाह से ऊपर दी गयी मेडिसिन ना लें)

    थायराइड का परमानेंट इलाज असंभव है. हर 2-3 महीने में खून की जांच करके टेबलेट की मात्रा सुनिश्चित की जाती है. टैबलेट भी रेगुलर लेना पड़ता है.

    थायराइड के घरेलू नुस्खे में में आप आयोडीन से भरपूर फल का सेवन कर सकते है.

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    प्रश्न : what is the meaning of thyroid in hindi
    उत्तर : थायराइड का मतलब थायराइड ग्रंथि से है जो बहुत ही आवश्यक हॉर्मोन का स्त्राव करती है. हॉर्मोन की कमी से होने वाले लोग को ही आम बोलचाल में थायराइड बोलते है.

    प्रश्न : क्या थायराइड का जड़ से उपचार हो सकता है?
    उत्तर : थायराइड की समस्या थायराइड हॉर्मोन की कमी से होने वाला रोग है जिसका जड़ से उपचार मौजूद नही है. हॉर्मोन की असंतुलन के कारण यह रोग होता है इस होर्मोन को संतुलित करने पर समस्या ठीक हो जाती है. इसके लिए डॉक्टर मेडिसिन का उपयोग करते है, नैचुरली तरीके से भी इसे ठीक किया जा सकता है.

    प्रश्न : थायराइड में क्या क्या खाएं ?
    उत्तर : आयोडिन नमक, आयोडिन से भरपूर चीजें, सी फूड, फिश, चिकेन, अंडा,
    दूध और उससे बनी चीजें जैसे दही, पनीर, टमाटर, मशरुम, केला, संतरे आदि का सेवन करें, डॉक्टर की सलाह पर विटामिन, मिनिरल्स, आयरन सप्लीमेंट्स भी ले सकते है.

    प्रश्न : थायराइड में परहेज करें
    उत्तर : सोयाबीन, मीट, पैकेज्ड फूड, क्रीम वाले प्रोडक्ट जैसे केक, पेस्ट्री, स्वीट पोटैटो, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, मूंगफली, बाजरा आदि, फूल पत्ता गोभी, ब्रोकली, शलगम आदि का सेवन कम करें या बिल्कुल बंद कर दें.

    प्रश्न : थायराइड से सेक्स लाइफ में असर पड़ता हैं क्या?
    उत्तर : थायराइड में सेक्स लाइफ पर भी काफी असर पड़ती है, थकावट के कारण सेक्स से रुचि हट जाना, सेक्स पावर कम हो जाना, और नपुंसकता भी हो सकती है.

    प्रश्न : प्रेगनेंसी के दौरान थायराइड? Thyroid in pregnancy in hindi
    उत्तर : थायराइड में प्रेग्नेंसी जोखिम भरा हो सकता है, थायराइड हॉर्मोन के असंतुलन से महिला को गर्भपात या फिर जन्म लेने वाले बच्चे मानसिक या शारीरिक रूप से कमजोर हो जाना आदि समस्या आ सकती है. थायरॉयड की कमी जन्म लेने वाले शिशु का स्वास्थ्य और बौद्धिक विकास प्रभावित होता है इसलिए गर्भावस्था के दौरान शरीर में थायरॉयड के स्तर की जांच करते रहना जरूरी है. प्रेगनेंसी के दौरान आयोडीन युक्त भोजन करें और डॉक्टर के बताए अनुसार डाइट करें.

    आपने ऊपर पढ़ा क्या है हाइपोथायरायडिज्म ? इसके लक्षण, कारण, और उपचार (thyroid in hindi). यह पोस्ट आपको जरूर हेल्पफुल लगी होगी,अगर कुछ सवाल हो तो कमेंट करके पूछ सकते है. आगे आने वाली लेख के updates पाने के लिए ईमेल पर सब्सक्राइब कर ले या हमारा फेसबुक पेज लाइक कर ले ताकि नोटिफिकेशन आप तक पहुच जाए. साथ ही पोस्ट को फेसबुक व्हाट्सएप्प में शेयर करना ना भूले. धन्यवाद.

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